शेरोळी -11( बेगाना)
अंतरी माझ्या कुठे
भाव ते पुन्हा उठे
इस कदर मूँह फेर के चले गये के |
बेगाने भी ना बने और अपना भी ना कह सके|
शेरोळी -12( गुमसुम दूरियाँ)
दुरावा हा अबोल आहे
भाव हा अनोखा आहे
अनोखे जज़बात का सैलाब ये आया है ।
गुमसुम सी दूरियाँ भी साथ में लाया है।
शेरोळी -13( मौका)
सारे इशारे भलतेच होते
तुला काहीच कळले नव्हते
एक इशारा क्या किया हमने , आपसे पीछा छुड़ाने का |
आप ने समझा मौका मिल गया हमे छेड़ ने का |
शेरोळी-14( दोस्ती)
भाव हे भलतेच होते
शब्दावाचून कळते होते
खामोशियाँ ने बयाँ किए दिल के जज़बात है |
हम समझें दोस्ती पर उनके मन में प्यार है |
शेरोळी-15( बिदा)
निरोप ही हळुवार असावा
हृदयावर हलका भार असावा
धीरे धीरे आप से बिदा हो रहे है |
दिल पे हल्का सा बोझ महसूस किये जा रहे है |
शेरोळी-16( समय)
ती वेळ परत यावी
भीती कशाची नसावी
काश वो हसीन समय फिर सें आये |
लेकिन आप सें बिछड़ने का डर हमें न साताऐ |
शेरोळी-17( टुटा दिल)
आता मला सांग काय करायचं ?
झालं गेलं कसं विसरायच?
बीती बाते कैसे भुलाऊँ |
कोई तो बताओ टुटा दिल लेके कहाँ जाऊँ |
शेरोळी-18( राज)
गूढ हे अंतरीचे
कसे उमजावे भाव मनीचे
उन लोगों के जज़बात समझना मुश्किल है जनाब |
जो दिल में गहरे राज छुपाए बैठे है।
शेरोळी -19( नजरे)
विसरुन जाशील का?
पुन्हा एकदा हसशील का?
हमे भुला के जाने वाले जरा इधर तो नजरें घुमाओ |
जाने सें पेहले जरा एक बार तो मुस्कुराओ |
शेरोळी-20 ( घाव)
अपुरा हा भाव आहे
मनात तोच घाव आहे
आधे अधुरेसे हम और हमारे जजबात है |
दिल में बसा अब वही एक घाव है।
रजनी✍️©®
5 comments:
सर्व रचना अप्रतिमच 👌👌👌👌
मनःपूर्वक धन्यवाद☺️🙏
मनःपूर्वक धन्यवाद☺️🙏
सर्व रचना अतिशय सुंदर आहे 👌👌👌👌
मनःपूर्वक धन्यवाद☺️🙏
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