Friday, 10 September 2021

शेरोळी-11 ते 20

                         शेरोळी -11( बेगाना)

अंतरी माझ्या कुठे

भाव ते पुन्हा उठे

इस कदर मूँह फेर के चले गये के |

बेगाने भी ना बने और अपना भी ना कह सके|

                     शेरोळी -12( गुमसुम दूरियाँ)

दुरावा हा अबोल आहे

भाव हा अनोखा आहे

अनोखे जज़बात का सैलाब ये आया है ।

 गुमसुम सी दूरियाँ भी साथ में लाया है। 

                   शेरोळी -13( मौका)

सारे इशारे भलतेच होते

 तुला काहीच कळले नव्हते

 एक इशारा क्या किया हमने , आपसे पीछा छुड़ाने का | 

आप ने समझा मौका मिल गया हमे छेड़ ने का | 

                   शेरोळी-14( दोस्ती)

भाव हे भलतेच होते

 शब्दावाचून कळते होते

 खामोशियाँ ने बयाँ किए दिल के जज़बात है |

 हम समझें दोस्ती पर उनके मन में प्यार है | 

                   शेरोळी-15( बिदा)

निरोप ही हळुवार असावा

हृदयावर हलका भार असावा

धीरे धीरे आप से बिदा हो रहे है |

दिल पे हल्का सा बोझ महसूस किये जा रहे है |

                    शेरोळी-16( समय)

ती वेळ परत यावी

 भीती कशाची नसावी

 काश वो हसीन समय फिर सें आये |

लेकिन आप सें बिछड़ने का डर हमें न साताऐ |

                    शेरोळी-17( टुटा दिल)

आता मला सांग काय करायचं ?

झालं गेलं कसं विसरायच?

बीती बाते कैसे भुलाऊँ |

कोई तो बताओ टुटा दिल लेके कहाँ जाऊँ |

                     शेरोळी-18( राज)

गूढ हे अंतरीचे

कसे उमजावे भाव मनीचे

उन लोगों के जज़बात समझना मुश्किल है जनाब |

जो दिल में गहरे राज छुपाए बैठे है।

                   शेरोळी -19( नजरे)

विसरुन जाशील का?

पुन्हा एकदा हसशील का?

हमे भुला के जाने वाले जरा इधर तो नजरें घुमाओ |

जाने सें पेहले जरा एक बार तो मुस्कुराओ |

                  शेरोळी-20 ( घाव)

अपुरा हा भाव आहे

मनात तोच घाव आहे

आधे अधुरेसे हम और हमारे जजबात है |

दिल में बसा अब वही एक घाव है।


रजनी✍️©®




5 comments:

गणेश दळवी said...

सर्व रचना अप्रतिमच 👌👌👌👌

आपले हितगुज said...

मनःपूर्वक धन्यवाद☺️🙏

आपले हितगुज said...

मनःपूर्वक धन्यवाद☺️🙏

Rajashri Jadhav kavyapushpa.kavi.rajashri@gmail.com said...

सर्व रचना अतिशय सुंदर आहे 👌👌👌👌

आपले हितगुज said...

मनःपूर्वक धन्यवाद☺️🙏

अलक -अनामित संबंध

                 अनामित संबंध त्यांचे लग्नानंतरही तिने जपले होते. दरवेळी माहेरी गेल्यावर एकदातरी त्याच्याशी हितगुज करायला ती जायची. तिच्या य...